अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हंसराज कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जौनपुर के बृजेश कुमार पाठक ने बढ़ाया
जौनपुर का मान।
सुपर स्टार शाहरुख खान ने दिल्ली के इसी हंसराज कॉलेज से साल 1988 में बीए पास किया था शाहरुख खान को सुपरस्टार बनने के बाद फुर्सत नहीं मिली कि वे
अपनी डिग्री ले सकें।
शाहगंज।अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हंसराज कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका मुख्य विषय न्यू मीडिया और नई वैश्विक संस्कृति था जिसमें देश विदेश के सभी सम्मानित विद्वानों को आमंत्रित किया गया इसी क्रम में शाहगंज में स्थित बंसराज मेमोरियल सनराइज पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य श्री बृजेश कुमार पाठक ने भी इस संगोष्ठी में भाग लिया और सभी विद्वानों के समक्ष अपने विचार को व्यक्त किया ।
श्री पाठक ने अपने विचार को व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। विदेशों में भारत के दूतावास इस दिन को विशेष रूप से मनाते हैं। सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिन्दी में व्याख्यान आयोजित किये जाते हैं। विश्व में हिन्दी का विकास करने और इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ तब से ही इस दिन को 'विश्व हिन्दी दिवस' के रूप में मनाया जाता है।विश्व हिन्दी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना, हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना, हिन्दी के लिए वातावरण निर्मित करना, हिन्दी के प्रति अनुराग पैदा करना, हिन्दी की दशा के लिए जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को विश्व भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है
श्री पाठक ने अपने विचार को व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। विदेशों में भारत के दूतावास इस दिन को विशेष रूप से मनाते हैं। सभी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न विषयों पर हिन्दी में व्याख्यान आयोजित किये जाते हैं। विश्व में हिन्दी का विकास करने और इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई और प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित हुआ तब से ही इस दिन को 'विश्व हिन्दी दिवस' के रूप में मनाया जाता है।विश्व हिन्दी दिवस का उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना, हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना, हिन्दी के लिए वातावरण निर्मित करना, हिन्दी के प्रति अनुराग पैदा करना, हिन्दी की दशा के लिए जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को विश्व भाषा के रूप में प्रस्तुत करना है
परिवर्तन, प्रकृति का नियम है और यह नियम इस दुनिया के सभी विचारों, अवधारणाओं, वस्तुओं, स्थितियों, मनुष्य, पर्यावरण और स्वयं प्रकृति पर भी लागू होता है। यह परिवर्तन नई परिस्थितियों के प्रति नए मनुष्य की प्रतिक्रिया का परिणाम होता है। इतिहास साक्षी है कि नई परिस्थितियाँ और चुनौतियाँ नई तकनीकों को जन्म देती है। नया मीडिया भी इसका अपवाद नहीं है। मीडिया या माध्यम प्राचीन काल से ही किसी न किसी रूप में मनुष्य सभ्यता का हिस्सा रहा है। नया मीडिया का गहरा संबंध सूचना प्रौद्योगिकी के विकास के साथ है। सूचना प्रौद्यौगिकी के विस्फोट ने दुनिया को पूरी तरह से बदल दिया। दुनिया इंटरनेट और कंप्यूटर के माध्यम से इस प्रकार जुड़ गई है कि आज दुनिया का कोई भी कोना दूसरे कोने से अछूता नहीं रहा है। और अंत में उन्होंने कहा कि हिन्दी साहित्य हमारी संस्कृति मातृभाषा में हिन्दी वास्तविक रूप में जन्मी मां जैसी उत्कृष्ट आस्त्तिव से जुड़ी है।प्रथमा शब्द मां हम जन्म लेने से बोलते हैं इसलिए हिन्दी हमारे शरीर हमारे मन अतंर हृदयस्थल में रग रग बसी है।क्षणभंगुर वैभव से लेकर आप सबके स्नेह-सिंचित अक्षय यश तक, मेरे जीवन की कई बहुमूल्य-अमूल्य निधियॉं मुझे महज़ मॉं सरस्वती और मॉं हिंदी की कृपा से ही मिली हैं। इस ऋण से उऋण होना तो इस जन्म में संभव नहीं है पर मेरी कृतज्ञता हिंदी के विश्व व्यापी विस्तार के लिए यथाशक्ति सतत प्रयासरत है और सदैव रहेगी।नए मीडिया का नयापन तकनीक, भाषा, अभिव्यक्ति के तरीके और विषयवस्तु सभी में हैं। नए मीडिया ने सामाजिक विमर्शों को गति और राजनीतिक सहभागिता को नए आयाम दिए। आज के समाज का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं है जोकि नए मीडिया के प्रभाव से अछूता हो। यह एक शक्ति भी है तो चुनौती भी।इतने उन्होंने सबको विश्व हिंदी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आप समस्त हिंदी प्रेमियों को वैश्विक पटल पर हिंदी के इस विशेष उत्सव, विश्व हिंदी दिवस की अनंत बधाई और ढेरों शुभकामनाएँ प्रेषित की। प्रधानाचार्य श्री बृजेश कुमार पाठक की इस उपलब्धि पर विद्यालय के संस्थापक श्री डॉक्टर ज्ञानचंद चित्रवंशी ,डायरेक्टर श्रीमती जागृति चित्रवंशी, मैनेजर श्रीमती प्रियंका चित्रवंशी, न्यायाधीश श्री मनीष राणा, श्री मनोज कुमार सिंह, मोहित कुमार श्रीवास्तव, श्री एस के सिंह, श्रीमती डॉ कविता, श्री डॉ ओंकार नाथ द्विवेदी ,श्री डॉक्टर अजय मिश्र,श्री डॉक्टर सुशील कुमार पांडे ,श्री डॉक्टर कमलेश भट्ट ,श्री रणविजय सिंह श्री विपिन जी तथा विद्यालय के समस्त शिक्षकों आदि ने अपनी बधाई दी।




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